सुप्रीम कोर्ट का निचली कोर्ट को आदेश 15 साल से जेल में बंद हत्या के आरोपी को जमानत पर रिहा करें

राष्ट्रीय समाचार

सुप्रीम कोर्ट ने निचली कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह हत्या के आरोप में बीते 15 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद एक आरोपी को जमानत पर रिहा करे। इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी अपील 12 साल से लंबित है।
आरोपी के खिलाफ हत्या के साथ ही आर्म्स एक्ट का भी मामला दर्ज है। शीर्ष कोर्ट ने उसे रिहा करने का आदेश देते हुए कहा कि वह पहले ही 15 साल की सजा भुगत चुका है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस. रवींद्र भट व जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा कि आरोपी ने अपनी सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उसकी अपील बीते 12 सालों से हाईकोर्ट में लंबित है।यह देखने के बाद कि अपीलकर्ता पहले ही 15 साल से अधिक की वास्तविक कारावास की सजा काट चुका है, शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर करने में देरी को माफ कर दिया गया और अपील पर सुनवाई में देरी के लिए 14 फरवरी 2022 को नोटिस जारी किया गया।

पीठ ने कहा कि जवाब में दायर हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि अपीलार्थी 15 साल से ज्यादा जेल में रह चुका है। शीर्ष अदालत ने कहा कि उक्त परिस्थितियों को देखते हुए हमारी राय में इस केस में धारा 389 के तहत राहत का मामला बनता है।

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